जीवन स्तोत्र

नन्ही किरणों का रथ दिख रहा है, संसार फिर जीवित हो रहा है पक्षियों के कलरव ने मीठे भोर राग घोले हैं, पवन संगीतमय कर रहे हैं सूर्य अब करवट ले रहा है, फिर एक नयी सृष्टि की जैसे शुरुआत कर रहा है अंधेरे ने छोड़ा अब रण है, आशाओं का बसेरा कण कण हैContinue reading “जीवन स्तोत्र”

पार्थ हो तुम

ख़्वाहिशों से डरो नहीं, पर्वतों से भी तुम झुको नहीं, ख़्वाहिशों से डरो नहीं, पर्वतों से भी तुम झुको नहीं सपनों के क़द को नापो नहीं, खुद को किसी से काम जानो नहीं रास्ता कठिन है तो क्या हुआ, रास्ता कठिन है तो क्या हुआ, सफ़र से तुम हार मानो नहीं बुलंद करो इरादे तोड़ोContinue reading “पार्थ हो तुम”

नूर ए ख़ुदा

शाइस्ता है मोहब्बत, हर ज़ुल्म पे मुस्कुरा देती है…शाइस्ता है मोहब्बत, हर ज़ुल्म पे मुस्कुरा देती है नासमझ है तू, ये समझ के माफ़ कर देती है कितने पहाड़ कितने मील ज़ाया किए तूने…कितने पहाड़ कितने मील ज़ाया किए तूने ख़ुदा तो ख़ुद ही में है, ये पहचाना नहीं तूने सजदे में किसके झुकता हैContinue reading “नूर ए ख़ुदा”

ठहरो कुछ देर

थम गयी है ख़त्म ना होने वाली दौड़, सोचा ना था कि ऐसा भी आ सकता है एक मोड़ सर्व शक्तिमान को एक सूक्ष्म ने दिया है तोड़, क्या प्रकृति सिखा रही है अब रहना है दिलों को जोड़? शांत है गगन और चुप है धरा…नज़रें घूमाईं तो देखा मुन्नी के चित्रों में है जादूContinue reading “ठहरो कुछ देर”